Class 9 Hindi - UP

Prose: Ek Kutta aur Ek Maina

कक्षा 9 यूपी बोर्ड (UPMSP) के पाठ्यक्रम में शामिल हजारीप्रसाद द्विवेदी जी की रचना 'एक कुत्ता और एक मैना' एक अत्यंत संवेदनशील और विचारोत्तेजक निबंध है। इस पाठ में लेखक ने पशुओं के प्रति मानवीय संवेदना, करुणा और उनके मुखर प्रेम का बहुत ही सुंदर वर्णन किया है। पाठ में शांति निकेतन के दिनों की घटनाओं के माध्यम से यह दर्शाया गया है कि कैसे एक मूक कुत्ता और एक अंधी मैना प्रकृति और मनुष्यों के बीच स्नेह की भाषा को समझते हैं। बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से यह पाठ गद्यांश पर आधारित प्रश्न, आशय स्पष्ट करने वाले प्रश्न और जीवन मूल्यों पर आधारित प्रश्नों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Start Learning Free

Key Concepts

पशु-मानव संबंध

लेखक ने यह दर्शाया है कि जानवर भी मनुष्य की तरह स्नेह, वफादारी और करुणा की भाषा को समझते हैं और बिना कुछ कहे अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं।

शांति निकेतन का प्राकृतिक परिवेश

पाठ की पृष्ठभूमि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित शांति निकेतन की है, जहाँ मनुष्य, पशु और पक्षी एक सहज और प्राकृतिक माहौल में रहते थे।

मूक प्राणी की वफादारी

कैंसर से पीड़ित गुरुदेव के प्रति एक कुत्ते की निष्ठा और रोज उनके कमरे के बाहर बैठने की घटना यह सिखाती है कि जानवर सबसे सच्चे और वफादार मित्र होते हैं।

मैना की करुण कथा

एक पंख कटी या घायल मैना के माध्यम से लेखक ने यह बताया है कि कैसे असमर्थ और घायल जीवों के प्रति समाज में करुणा का भाव होना चाहिए।

संवेदनशील दृष्टि

यह निबंध विद्यार्थियों में प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का मुख्य उद्देश्य रखता है।

Important Formulas

जीव दया: सभी बेजुबान और मूक प्राणियों के प्रति दया और प्रेम रखना मनुष्य का प्राथमिक कर्तव्य है।
लेखक परिचय: हजारीप्रसाद द्विवेदी जी का जन्म 1907 में बलिया (उत्तर प्रदेश) के छपरा ग्राम में हुआ था।
निबंध शैली: यह पाठ ललित निबंध की श्रेणी में आता है जिसमें विचारात्मकता और भावनात्मकता का सुंदर समन्वय है।

Board Exam Info

उत्तर प्रदेश (UPMSP) कक्षा 9 हिंदी परीक्षा में इस पाठ से सामान्यतः 6 से 8 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इनमें गद्यांश की संदर्भ सहित व्याख्या, पाठ के केंद्रीय भाव, और चरित्र चित्रण या जीव-प्रेम से संबंधित लघु उत्तरीय प्रश्न प्रमुख होते हैं।

Frequently Asked Questions

इस पाठ के लेखक प्रसिद्ध निबंधकार और उपन्यासकार आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी जी हैं।

इस पाठ के लेखक प्रसिद्ध निबंधकार आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी जी हैं।

कुत्ता गुरुदेव के प्रति अपनी निष्ठा कैसे प्रकट करता था?

कुत्ता रोज गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए उनके कमरे के बाहर चुपचाप बैठ जाता था और उनके निधन के बाद भी उनकी समाधि पर जाता था।

इस पाठ से हमें क्या मुख्य प्रेरणा मिलती है?

इस पाठ से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि हमें केवल मनुष्यों से ही नहीं बल्कि मूक पशु-पक्षियों से भी प्रेम करना चाहिए और उनके प्रति दयालु होना चाहिए।

Learn Prose: Ek Kutta aur Ek Maina with Your AI Tutor

10 different ways to study this chapter. Free for 3 chapters per day.

Lecture

Key Points

Interactive

Quiz

Flashcards

Start Learning Free

More Hindi Chapters - UP Class 9