Class 9 Hindi - HARYANA

Prose: Do Baillon ki Katha

Do Bailon ki Katha is the first chapter of the Class 9 Hindi prose section prescribed by the Haryana Board (BSEH). Written by the legendary author Munshi Premchand, this story revolves around two oxen named Jhuri and Motil, representing true friendship, loyalty, and the struggle against oppression. Through their journey, Premchand highlights the bond between humans and animals, freedom as a fundamental right, and the resilience of the marginalized. For board exams, this chapter is extremely important for comprehension, character sketches, and questions based on the author's message.

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Key Concepts

प्रेमचंद की लेखन शैली

मुंशी प्रेमचंद की भाषा सरल, सहज और मुहावरेदार है, जो ग्रामीण जीवन का सजीव चित्रण करती है।

झूरी और दोनों बैलों का प्रेम

झूरी अपने बैलों हीरा और मोती से बहुत प्यार करता था और बैल भी उसके प्रति पूर्ण रूप से वफादार थे।

स्वतंत्रता का मूल्य

कहानी के माध्यम से यह दर्शाया गया है कि स्वतंत्रता हर प्राणी का जन्मसिद्ध अधिकार है, जिसके लिए संघर्ष करना पड़ता है।

विद्रोह और एकजुटता

हीरा और मोती ने गया के घर पर अत्याचार का मिलकर मुकाबला किया और कठिन परिस्थितियों में भी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा।

पशु-मानव संबंध

यह पाठ इंसानों और जानवरों के बीच के भावनात्मक और सहानुभूतिपूर्ण रिश्ते को गहराई से उजागर करता है।

Important Formulas

हीरा और मोती गया के साले गया के घर भेजे गए थे।
कंजड़ के हाथों में बिकने के बाद भी वे अंततः अपने मालिक झूरी के पास वापस लौट आते हैं।
कहानी में 'गया', 'झूरी', 'झूरी की पत्नी' और 'छोटी बच्ची' प्रमुख पात्र हैं।

Board Exam Info

हरियाणा बोर्ड (BSEH) की परीक्षा में इस पाठ से आमतौर पर 4 से 6 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें गद्यांश पर आधारित प्रश्न, पाठ के सार, और हीरा-मोती के चरित्र-चित्रण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न शामिल होते हैं।

Frequently Asked Questions

हीरा और मोती किस नस्ल के बैल थे और वे कैसे दिखते थे?

हीरा और मोती सुंदर, देखने में चौकस और पछाई जाति के ऊंचे कद के बैल थे।

गया ने हीरा और मोती के साथ कैसा व्यवहार किया?

गया ने उनके साथ पराया व्यवहार किया, उन्हें सूखा भूसा खाने को दिया और कई बार उनकी पिटाई भी की।

दोनों बैलों को अंत में किसकी रक्षा से जीवनदान मिला?

एक छोटी सी बालिका (भैरों की पुत्री) ने उन्हें कांजीहौस की दीवार तोड़कर भागने में मदद की, जिससे उनकी जान बची।

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