Class 9 Hindi - HARYANA

Poetry: Ras ke Dohe

कक्षा 9 हरियाणा बोर्ड (BSEH) की पाठ्यपुस्तक के अंतर्गत 'रसखान के दोहे' पाठ भक्तिकालीन कृष्ण-भक्ति धारा के प्रसिद्ध कवि रसखान जी द्वारा रचित सवैयों और दोहों पर आधारित है। इस अध्याय में रसखान जी का कृष्ण और उनकी भूमि (ब्रज) के प्रति अगाध प्रेम, कृष्ण की बांसुरी की धुन का प्रभाव और गोपियों की विरह-व्यथा का बहुत ही सुंदर और सजीव वर्णन किया गया है। बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें से सप्रसंग व्याख्या, काव्यांश पर आधारित प्रश्न और भाव-सौंदर्य से संबंधित प्रश्न बहुतायत में पूछे जाते हैं।

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Key Concepts

कृष्ण और ब्रजभूमि के प्रति प्रेम

कवि रसखान अगले जन्म में भी ब्रजभूमि में ही रहना चाहते हैं, चाहे उन्हें पत्थर, पशु, पक्षी या मनुष्य कुछ भी क्यों न बनना पड़े।

कृष्ण की मुरली का प्रभाव

गोपियां कृष्ण की मुरली से ईर्ष्या करती हैं क्योंकि मुरली ने कृष्ण को हमेशा अपने पास व्यस्त रखा है, लेकिन वे कृष्ण के कहने पर मुरली को अपने होठों पर रखने को भी तैयार हैं।

गोपियों की विरस-दशा और स्वांग

कृष्ण के सौंदर्य पर मुग्ध एक गोपी कृष्ण का रूप धारण करने (मोरपक्षी मुकुट पहनने और पीतांबर ओढ़ने) के लिए तैयार है, पर कृष्ण की मुरली की धुन के आगे वह विवश हो जाती है।

भक्तिकाल और सवैया छंद

यह पाठ भक्तिकाल की कृष्ण-भक्ति शाखा से संबंधित है और इसमें रसखान द्वारा रचित सवैया छंद का प्रयोग हुआ है जिसमें ब्रजभाषा की मिठास झलकती है।

Important Formulas

सवैया: एक प्रकार का वर्णिक वृत्त छंद जिसमें 22 से 26 वर्ण होते हैं।
ब्रजभाषा: वह भाषा जिसमें सूरदास और रसखान ने अपनी अधिकांश रचनाएं लिखीं।
भक्तिकाल: हिंदी साहित्य का स्वर्णकाल जिसमें ईश्वर के प्रति प्रेम और भक्ति की प्रधानता थी।

Board Exam Info

हरियाणा बोर्ड (BSEH) की परीक्षा में इस अध्याय से आमतौर पर 4 से 6 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें मुख्य रूप से काव्यांश की सप्रसंग व्याख्या (व्याख्या और विशेष), पाठ के आधार पर लघु उत्तरीय प्रश्न और भाव-सौंदर्य स्पष्ट करने वाले प्रश्न आते हैं।

Frequently Asked Questions

कवि रसखान अगले जन्म में ब्रजभूमि में ही क्यों जन्म लेना चाहते हैं?

क्योंकि रसखान जी कृष्ण और उनकी लीला भूमि ब्रज (गोकुल) से अगाध प्रेम करते हैं और वे हर हाल में कृष्ण के समीप रहना चाहते हैं।

गोपियां कृष्ण की मुरली से क्यों जलती हैं?

गोपियां मुरली से इसलिए जलती हैं क्योंकि कृष्ण अपना सारा समय उस मुरली को देते हैं और गोपियों को लगता है कि मुरली ने उन्हें कृष्ण से दूर कर दिया है।

रसखान के दोहों/सवैयों की भाषा कौन सी है?

रसखान के सवैयों की भाषा अत्यंत मधुर और साहित्यिक 'ब्रजभाषा' है।

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