Class 9 Hindi - BIHAR
Supplementary: Mere Sang ki Auratein
कक्षा 9 बिहार बोर्ड (BSEB) की हिंदी पाठ्यपुस्तक 'कृतिका' भाग 1 का पाठ 'मेरे संग की औरतें' मृदुला गर्ग द्वारा रचित एक बहुत ही सुंदर संस्मरण है। इस पाठ में लेखिका ने अपने परिवार की महिलाओं—उनकी नानी, माँ, दादी और बहनों—के अनोखे और स्वाभिमानी व्यक्तित्व का सजीव चित्रण किया है। ये महिलाएँ लीक से हटकर जीवन जीने वाली थीं, जो पारंपरिक रूढ़ियों को तोड़कर समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाती हैं। बिहार बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से यह पाठ अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे चरित्र चित्रण और वैचारिक समझ पर आधारित दीर्घ उत्तरीय और लघु उत्तरीय प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Start Learning FreeKey Concepts
लेखिका की नानी का व्यक्तित्व
लेखिका की नानी एक अनपढ़ और पारंपरिक महिला थीं, लेकिन मन से वे पूरी तरह आज़ाद और अंग्रेजों से दूर रहना पसंद करने वाली स्वाभिमानी महिला थीं।
लेखिका की माँ की विशेषता
लेखिका की माँ एक बेहद ईमानदार, निष्पक्ष और दुबली-पतली महिला थीं जो कभी झूठ नहीं बोलती थीं और गुप्त बातें भी अपने तक नहीं रख पाती थीं।
दादी का लीक से हटकर रवैया
दादी रूढ़िवादी परंपराओं के विपरीत घर में बहू के होने पर पहली संतान के रूप में लड़की (कन्या) पैदा होने की मन्नत मांगती थीं, जो समाज की सोच से बिल्कुल अलग था।
बहनों का स्वाभिमान और एकता
लेखिका की बहनें (जैसे रेणु और अचला) अपने उसूलों पर चलने वाली थीं। वे किसी भी अन्याय के आगे नहीं झुकती थीं और उनमें गजब का आत्मीय साहस था।
समाज सुधार में महिलाओं का योगदान
पाठ यह संदेश देता है कि यदि घर की महिलाएँ दृढ़निश्चयी और स्वतंत्र विचारों वाली हों, तो वे पूरे परिवार और समाज की दिशा बदल सकती हैं।
Important Formulas
Board Exam Info
बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 9 की हिंदी परीक्षा में इस पाठ से सामान्यतः 4 से 6 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें मुख्य रूप से लेखिका की नानी, माँ और दादी के चरित्र की विशेषताएँ, तथा पाठ से मिलने वाले संदेश पर आधारित लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न आते हैं।
Frequently Asked Questions
लेखिका की नानी आज़ादी के आंदोलन से कैसे प्रभावित थीं?
लेखिका की नानी अनपढ़ और परदे में रहने वाली महिला थीं, लेकिन वे कभी अंग्रेजों के संपर्क में नहीं आना चाहती थीं और उन्होंने अपनी बेटी की शादी एक स्वतंत्रता सेनानी से तय की थी।
दादी के कौन से स्वभाव से पता चलता है कि वे लीक से हटकर सोचती थीं?
दादी ने घर में बहू के गर्भवती होने पर भगवान से पहली संतान 'लड़की' (बेटी) पैदा होने की मन्नत मांगी थी, जबकि उस समय समाज में पुत्र की चाहत आम बात थी।
इस पाठ का मुख्य संदेश क्या है?
यह पाठ यह सिखाता है कि महिलाओं को अपनी पहचान और स्वतंत्रता बनाए रखनी चाहिए, सच्चाई का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए और लीक से हटकर सकारात्मक सोच अपनानी चाहिए।
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