Class 9 Hindi - BIHAR

Poetry: Megh Aaye

कक्षा 9 बिहार बोर्ड (BSEB) की हिंदी पाठ्यपुस्तक 'क्षितिज भाग 1' की कविता 'मेघ आए' सर्वेश्वर दयाल सक्सेना द्वारा रचित एक अत्यंत सुंदर और मानवीकरण अलंकार से युक्त कविता है। इस पाठ में कवि ने वर्षा ऋतु के आगमन का बहुत ही सजीव चित्रण किया है, जिसकी तुलना गाँव में आने वाले मेहमान (दामाद) से की गई है। परीक्षा की दृष्टि से यह चैप्टर बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें प्रकृति चित्रण, मानवीकरण अलंकार और काव्यांशों की व्याख्या (प्रसंग सहित व्याख्या) से संबंधित प्रश्न अक्सर बोर्ड परीक्षा में पूछे जाते हैं।

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Key Concepts

प्रकृति का मानवीकरण

जब जड़ प्रकृति या बादलों पर मानवीय क्रियाओं (जैसे सज-संकर आना, दरवाजे खोलना, ब्यार चलना) का आरोप किया जाता है, तो उसे मानवीकरण अलंकार कहते हैं।

मेघों की तुलना मेहमान से

कविता में आसमान में छाने वाले बादलों की तुलना शहर से गाँव में आने वाले दामाद या मेहमान से की गई है, जो बहुत दिनों बाद सज-धज कर आते हैं।

बयार और नदी का चित्रण

हवा (बयार) के चलने को मेहमान के आने की ख़बर देने वाले आचू (हरकारे) के रूप में और नदी को मेहमान के स्वागत में झुककर देखने वाली ग्राम-वधू के रूप में दिखाया गया है।

बिजली का चमकना

आकाश में चमकने वाली बिजली को मेहमान की पत्नी (क्षितिज अटारी गहराई) या क्षितिज रूपी अटारी पर खड़ी प्रेमिका के रूप में चित्रित किया गया है जो क्षमा याचना कर रही है।

वर्षा का आरंभ

अंत में बादलों के बरसने को मिलन के उल्लास और आँखों से बहने वाली खुशी के आंसुओं (मिलन के अश्रु) के रूप में दर्शाया गया है।

Important Formulas

मानवीकरण अलंकार: जहाँ अमानवीय या प्राकृतिक चीज़ों पर मानवीय भावनाओं का आरोप हो।
उत्प्रेक्षा अलंकार: जहाँ एक वस्तु में दूसरी वस्तु की संभावना की जाए (मानो, जानो)।
रूपक अलंकार: जहाँ उपमेय और उपमान में कोई अंतर न दिखाया जाए (जैसे क्षितिज अटारी)।

Board Exam Info

बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 9 की परीक्षा में इस पाठ से लगभग 4 से 6 अंकों के प्रश्न आते हैं। मुख्य रूप से काव्यांश की सप्रसंग व्याख्या, कविता का मूलभाव (सार), और मानवीकरण अलंकार से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।

Frequently Asked Questions

कविता 'मेघ आए' के कवि कौन हैं?

इस कविता के रचयिता प्रसिद्ध कवि सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी हैं।

कविता में बादलों की तुलना किससे की गई है और क्यों?

कविता में बादलों की तुलना गाँव में आने वाले मेहमान (दामाद) से की गई है, क्योंकि जिस प्रकार मेहमान सज-धज कर आते हैं, वैसे ही बादल भी आकाश में सज-संवर कर आए हैं।

बयार के भागने और पेड़ के झुकने का क्या अर्थ है?

इसका अर्थ है कि जब वर्षा से पहले तेज हवा चलती है तो ऐसा लगता है मानो कोई हरकारा दौड़कर मेहमान के आने की सूचना दे रहा हो और हवा के दबाव से पेड़ झुककर मेहमान को देखने लगे हों।

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