Class 7 Hindi - ICSE

Vachya (Kartri, Karm, Bhav)

In this chapter, Class 7 ICSE students will learn about 'Vachya', which is the Hindi term for 'Voice'. Vachya tells us whether the verb in a sentence focuses on the doer (subject), the object, or the feeling/action. The chapter covers the three main types: Kartri Vachya (Active Voice), Karm Vachya (Passive Voice), and Bhav Vachya (Impersonal Voice). Understanding Vachya is very important for ICSE board exams as it helps improve sentence structure, grammar skills, and scoring ability in transformation-of-sentence questions.

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Key Concepts

वाच्य की परिभाषा (Definition of Vachya)

क्रिया के जिस रूप से यह पता चले कि वाक्य में मुख्य विषय कर्ता, कर्म या भाव है, उसे वाच्य कहते हैं।

कर्तृ वाच्य (Kartri Vachya)

जब वाक्य में क्रिया का संबंध सीधे कर्ता (doer) से होता है और क्रिया का रूप कर्ता के लिंग और वचन के अनुसार बदलता है, तब कर्तृ वाच्य होता है।

कर्म वाच्य (Karm Vachya)

जब वाक्य में क्रिया का संबंध सीधे कर्म (object) से होता है और क्रिया का रूप कर्म के लिंग और वचन के अनुसार बदलता है, तब कर्म वाच्य होता है।

भाव वाच्य (Bhav Vachya)

जब वाक्य में कर्ता या कर्म की प्रधानता न होकर क्रिया के भाव (action/feeling) की प्रधानता होती है, तब भाव वाच्य होता है। इसमें ज्यादातर अकर्मक क्रिया और 'से' का प्रयोग होता है।

वाच्य परिवर्तन (Transformation of Voice)

कर्तृ वाच्य से कर्म या भाव वाच्य बनाते समय कर्ता के आगे 'से' या 'के द्वारा' जोड़ा जाता है और क्रिया का रूप बदला जाता है।

Important Formulas

कर्तृ वाच्य = कर्ता + कर्म + क्रिया (कर्ता के अनुसार)
कर्म वाच्य = कर्ता (के द्वारा/से) + कर्म + क्रिया (कर्म के अनुसार)
भाव वाच्य = कर्ता (से) + अन्य शब्द + क्रिया (पुल्लिंग, एकवचन, अन्य पुरुष)

Board Exam Info

In ICSE Class 7 Hindi grammar exams, questions from Vachya typically carry 3 to 5 marks. Common question types include identifying the type of Vachya from a given sentence and converting sentences from Kartri Vachya to Karm or Bhav Vachya.

Frequently Asked Questions

कर्तृ वाच्य और कर्म वाच्य में मुख्य अंतर क्या है?

कर्तृ वाच्य में क्रिया कर्ता के अनुसार बदलती है, जबकि कर्म वाच्य में क्रिया कर्म के लिंग और वचन के अनुसार बदलती है।

भाव वाच्य की पहचान कैसे करें?

भाव वाच्य के वाक्यों में ज्यादातर नकारात्मकता (नहीं) होती है, क्रिया हमेशा अकर्मक होती है और वाक्य का मुख्य केंद्र 'भाव' होता है।

कर्म वाच्य बनाते समय किन शब्दों का प्रयोग किया जाता है?

कर्ता के साथ 'से' या 'के द्वारा' शब्दों का प्रयोग किया जाता है।

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