Class 10 Hindi - ODISHA
Prose: Naubatkhane Mein Ibadat
Naubatkhane Mein Ibadat is a biographical sketch written by Yatindra Mishra about the legendary shehnai maestro Bharat Ratna Ustad Bismillah Khan. The chapter explores his deep spiritual connection with music, his humble beginnings in Dumraon, Bihar, and his profound devotion to Varanasi (Kashi), the Ganga, and the Balaji temple. For Class 10 Odisha BSE board exams, this chapter is crucial as it tests students' understanding of cultural heritage, dedication to art, and values of simplicity and communal harmony. Board questions often focus on Bismillah Khan's childhood, his Riyaz, and the cultural essence of Banaras.
Start Learning FreeKey Concepts
उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ का परिचय
भारत रत्न से सम्मानित उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ भारत के सर्वोच्च शहनाई वादक थे, जिन्होंने शहनाई को विश्व स्तर पर शास्त्रीय संगीत के मंच पर प्रतिष्ठित किया।
डुमराँव और काशी का महत्व
बिस्मिल्ला ख़ाँ का जन्म बिहार के डुमराँव में हुआ था, लेकिन उनकी संगीत साधना और संस्कृति की पहचान उत्तर प्रदेश के पवित्र शहर काशी से जुड़ी रही।
संगीत के प्रति सच्ची साधना और रियाज़
बिस्मिल्ला ख़ाँ का पूरा जीवन संगीत के प्रति समर्पण और बालाजी के मंदिर में प्रतिदिन रियाज़ करने की अनुशासनबद्ध परंपरा का प्रतीक था।
गंगा-जमुनी तहज़ीब
यह पाठ भारत की गंगा-जमुनी संस्कृति का सजीव चित्रण प्रस्तुत करता है जहाँ मुस्लिम होते हुए भी उनका संगीत और जीवन काशी की परंपराओं से गहराई से जुड़ा था।
नाउबतखाने में इबादत का अर्थ
इसका अर्थ है संगीत के वाद्ययंत्र बजाने के स्थान (नाउबतखाने) को ही अपनी सच्ची इबादत या पूजा का स्थल मानना।
Important Formulas
Board Exam Info
उड़ीसा बोर्ड (BSE) की कक्षा 10 की हिंदी परीक्षा में इस पाठ से लगभग 3 से 5 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। परीक्षा में मुख्य रूप से बिस्मिल्ला ख़ाँ की संगीत साधना, काशी से उनका लगाव, और पाठ के शीर्षक 'नौबतखाने में इबादत' के अर्थ से संबंधित लघु उत्तरीय तथा दीर्घ उत्तरीय प्रश्न आते हैं।
Frequently Asked Questions
पाठ 'नौबतखाने में इबादत' के लेखक कौन हैं?
इस पाठ के लेखक यतीन्द्र मिश्र हैं, जो बिस्मिल्ला ख़ाँ के जीवन और व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हैं।
उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ को भारत रत्न कब मिला?
उन्हें वर्ष 2001 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया था।
पाठ का शीर्षक 'नौबतखाने में इबादत' क्यों रखा गया है?
क्योंकि बिस्मिल्ला ख़ाँ के लिए शहनाई बजाना और संगीत की साधना करना ही ईश्वर की सच्ची इबादत (प्रार्थना) के समान था।
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