Class 9 Hindi - PUNJAB
Prose: Mere Bachpan ke Din
‘मेरे बचपन के दिन’ महादेवी वर्मा द्वारा रचित एक अत्यंत सुंदर और मार्मिक संस्मरण है। इस पाठ में लेखिका ने अपने बचपन की उन स्मृतियों को साझा किया है जब वे गांधी-मिशन से प्रेरित होकर इलाहाबाद (अब प्रयागराज) के महिला विद्यापीठ में पढ़ती थीं। लेखिका अपने शुरुआती स्कूल के दिनों, अपनी सहपाठिनों विशेषकर सुभद्रा कुमारी चौहान के साथ बिताए पलों, छात्रावास के जीवंत वातावरण और उस दौर की सांप्रदायिक सद्भावना का बहुत ही सजीव चित्रण करती हैं। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) की कक्षा 9 की परीक्षा के दृष्टिकोण से यह पाठ बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे लेखिका के जीवन और उनके व्यक्तित्व निर्माण से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Start Learning FreeKey Concepts
महादेवी वर्मा का प्रारंभिक जीवन
लेखिका बताती हैं कि उनके परिवार में लंबे समय तक कोई लड़की नहीं हुई थी, इसलिए उनके होने पर बहुत जश्न मनाया गया और उन्हें बहुत लाड़-प्यार मिला।
मिशन स्कूल का अनुभव
लेखिका का पहला दाखिला एक मिशन स्कूल में हुआ था जहाँ प्रार्थना और अंग्रेज़ी का माहौल था, लेकिन वहाँ उनका मन नहीं लगा और उन्होंने वह स्कूल छोड़ दिया।
सुभद्रा कुमारी चौहान के साथ मित्रता
महिला विद्यापीठ में लेखिका की मित्रता सुभद्रा कुमारी चौहान से हुई, जो कविताएँ लिखती थीं और लेखिका को भी छुपकर कविता लिखने के लिए प्रेरित करती थीं।
छात्रावास का माहौल और सांप्रदायिक सद्भाव
छात्रावास में विभिन्न जातियों, धर्मों और क्षेत्रों की लड़कियाँ एक साथ रहती थीं, जो देश की विविधता और आपसी प्रेम का एक बेहतरीन उदाहरण था।
पंचतंत्र और पढ़ने की रुचि
लेखिका को बचपन से ही किताबें पढ़ने का शौक था और पंचतंत्र की कहानियों ने उनके मन में साहित्य के प्रति रुचि पैदा की।
Important Formulas
Board Exam Info
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) की कक्षा 9 की हिंदी परीक्षा में इस पाठ से लगभग 4 से 6 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। मुख्य रूप से पाठ के सारांश, लेखिका और सुभद्रा कुमारी चौहान की मित्रता, तथा छात्रावास के जीवन से संबंधित लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न परीक्षा में आते हैं।
Frequently Asked Questions
इस पाठ की लेखिका प्रसिद्ध छायावादी कवयित्री महादेवी वर्मा हैं।
इस पाठ की लेखिका प्रसिद्ध छायावादी कवयित्री महादेवी वर्मा हैं।
लेखिका की कविता लिखने की शुरुआत कैसे हुई?
महिला विद्यापीठ में सुभद्रा कुमारी चौहान के संपर्क में आने के बाद लेखिका ने छुप-छुपकर तुकबंदी और कविताएँ लिखना शुरू किया।
छात्रावास की अन्य लड़कियों के साथ महादेवी जी के संबंध कैसे थे?
छात्रावास में सभी लड़कियाँ अलग-अलग जातियों और धर्मों से थीं, लेकिन वे सब आपस में मिलजुलकर रहती थीं और एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होती थीं।
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