Class 12 Hindi - HARYANA
Poetry: Usha
कक्षा 12 हरियाणा बोर्ड (BSEH) की पाठ्यपुस्तक 'आरोह भाग 2' में संकलित कविता 'उषा' के रचयिता प्रसिद्ध प्रगतिवादी कवि शमशेर बहादुर सिंह हैं। इस कविता में कवि ने भोर के समय यानी सूर्योदय से ठीक पहले आसमान में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों का बहुत ही सुंदर और गतिशील चित्रण किया है। कवि ने ग्रामीण परिवेश, चौका, लीप जाने वाली जमीन, बहुत काली सिल, लाल केसर और स्लेटी रंग जैसे घरेलू और जाने-पहचाने उपमानों का अद्भुत प्रयोग किया है। यह कविता बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या और विशेष पर आधारित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Start Learning FreeKey Concepts
प्रकृति का मानवीकरण
कवि ने प्रातःकालीन आकाश और सूर्य की गतिविधियों का ऐसा वर्णन किया है जैसे कोई सजीव मनुष्य कार्य कर रहा हो, इसे मानवीकरण अलंकार कहते हैं।
ग्रामीण परिवेश के उपमान
कवि ने रसोई का चौका, सिल, राख और केसर जैसे ग्रामीण जीवन से जुड़े साधारण उपकरणों को कविता के उपमान के रूप में प्रयोग किया है।
नीला शंख और राख
प्रातः काल के नभ को नीले शंख जैसा पवित्र और उस पर पड़ी हल्की सफेदी को 'राख से लीपा हुआ चौका' बताया गया है।
काली सिल और लाल केसर
सुबह के समय जब सूरज की लालिमा फैलती है, तो ऐसा लगता है जैसे किसी काली सिल पर लाल केसर पीस दी गई हो।
जादू का टूटना
दिन चढ़ने के साथ ही सूर्योदय हो जाता है और प्रकृति के सौंदर्य का वह जादुई पल समाप्त हो जाता है, जिसे 'जादू टूटना' कहा गया है।
Important Formulas
Board Exam Info
हरियाणा बोर्ड (BSEH) की परीक्षा में इस कविता से सामान्यतः 4 से 6 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें मुख्य रूप से एक पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या (लगभग 3-4 अंक) तथा कविता के मूल भाव या प्रतीकों पर आधारित लघु उत्तरीय प्रश्न (1-2 अंक) शामिल होते हैं।
Frequently Asked Questions
कविता 'उषा' के कवि कौन हैं और यह किस पुस्तक में संकलित है?
इस कविता के रचयिता शमशेर बहादुर सिंह हैं और यह हरियाणा बोर्ड की कक्षा 12 की पाठ्यपुस्तक 'आरोह भाग 2' में संकलित है।
कवि ने भोर के नभ की तुलना 'राख से लीपा हुआ चौका' से क्यों की है?
जिस प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह उठकर रसोई का चौका राख से लीपा जाता है, जिससे वह गीला और स्लेटी रंग का दिखता है, उसी प्रकार भोर का आसमान भी स्लेटी और नम दिखाई देता है।
इस कविता में कौन-कौन से मुख्य अलंकारों का प्रयोग हुआ है?
इस कविता में मुख्य रूप से मानवीकरण, उपमा, उत्प्रेक्षा और रूपक अलंकारों का सुंदर प्रयोग किया गया है।
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