Class 11 Hindi - HARYANA
Supplementary: Rajasthan Ki Rajat Boondein
राजस्थान की रजत बूंदें अनुपम मिश्र द्वारा रचित एक अत्यंत महत्वपूर्ण पाठ है, जो राजस्थान के मरुस्थल में पानी की कमी से निपटने की अनूठी तकनीक 'कुई' (बेरी) के निर्माण और उसके प्रबंधन को दर्शाता है। यह पाठ हमें सिखाता है कि कैसे कठिन परिस्थितियों में भी हमारे पूर्वजों ने पारंपरिक ज्ञान और जल संरक्षण का अद्भुत नमूना पेश किया। हरियाणा बोर्ड (BSEH) की परीक्षा की दृष्टि से यह पाठ बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे हर साल रचनाकार, कुई निर्माण की प्रक्रिया, चड़ाई करने वाले चेलवा और मरुभूमि के समाज से जुड़े दीर्घ और लघु उत्तरीय प्रश्न पूछे जाते हैं।
Start Learning FreeKey Concepts
कुई (बेरी)
यह व्यास में बहुत छोटी पर गहराई में बहुत अधिक (लगभग 30 से 60 हाथ) बनाई जाने वाली कुएँ जैसी संरचना होती है, जिसका उपयोग राजस्थान में पीने के मीठे पानी के संचयन के लिए किया जाता है।
चेल्वा (देलवा)
कुई बनाने वाले विशेष दक्ष और कुशल शिल्पियों को चेल्वा कहा जाता है, जो अत्यंत सावधानी और पारंपरिक अनुभव के साथ रेतीली जमीन में कुई की खुदाई करते हैं।
पेलर पानी
यह वर्षा का वह सीधा रूप है जो सीधे रूप में बहता है या भूमि में नमी के रूप में समा जाता है, लेकिन खारे भूजल से अलग रहता है।
पाताळी पानी
यह भूजल है जो कुओं के माध्यम से निकाला जाता है, और राजस्थान के मरुस्थल में अधिकांशतः खारा (लवणयुक्त) होता है।
रेजाणी पानी
यह वर्षा का पानी है जो धरातल के नीचे रेतीली मिट्टी में रिसकर नीचे बैठ जाता है लेकिन नीचे खारे पानी से नहीं मिलता, और इसे कुई के माध्यम से निकाला जाता है।
Important Formulas
Board Exam Info
हरियाणा बोर्ड (BSEH) की कक्षा 11 की परीक्षा में इस पाठ से सामान्यतः 4 से 6 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। परीक्षा में 'कुई किसे कहते हैं और यह कुएँ से किस प्रकार भिन्न है?', 'चेल्वा कौन होते हैं?', और 'रेजाणी पानी क्या है?' जैसे प्रश्न बहुत बार दोहराए जाते हैं।
Frequently Asked Questions
कुई और कुएँ में मुख्य अंतर क्या है?
कुआँ भूजल (पाताळी पानी) को निकालने के लिए बड़ा बनाया जाता है और इसका पानी खारा हो सकता है, जबकि कुई वर्षा के रिसने वाले मीठे पानी (रेजाणी पानी) को संचित करने के लिए बहुत संकीर्ण और गहरी बनाई जाती है।
कुई की खुदाई करते समय चेल्वा सिर पर क्या पहनते हैं?
कुई की खुदाई के दौरान नीचे मिट्टी धंसने का खतरा रहता है, इसलिए चेल्वा अपने सिर की रक्षा के लिए धातु या चमड़े का एक विशेष टोप (हेलमेट की तरह) पहनते हैं।
रेजाणी पानी भूमि के नीचे खारे पानी में क्यों नहीं मिलता?
रेतीली मिट्टी की विशेषता और नीचे स्थित 'पेलर पानी' की प्रकृति के कारण यह नमी के रूप में नीचे बैठ जाता है और नीचे मौजूद खारे पानी की परत तक पहुँचने से पहले ही कुई के माध्यम से निकाल लिया जाता है।
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