Class 11 Hindi - HARYANA
Poetry: Ghar Ki Yaad
कक्षा 11 हरियाणा बोर्ड (BSEH) की पाठ्यपुस्तक 'आरोह भाग 1' की कविता 'घर की याद' भवानी प्रसाद मिश्र द्वारा रचित एक अत्यंत मर्मस्पर्शी कविता है। यह कविता कवि द्वारा जेल की सलाखों के पीछे रहकर अपने सावन के दिनों में परिवार और माता-पिता के प्रति प्रेम और उनकी यादों को व्यक्त करती है। इसमें कवि के पांचों भाइयों और बहन के स्नेह के साथ-साथ विशेष रूप से अपनी ममतामयी माँ के त्याग और आशीर्वाद का वर्णन किया गया है। परीक्षा की दृष्टि से यह कविता बहुत महत्वपूर्ण है, जिससे काव्यांश की व्याख्या, विशेष और केंद्रीय भाव से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Start Learning FreeKey Concepts
जेल प्रवास और सावन का प्रसंग
कवि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जेल में बंद है और बाहर मूसलाधार बारिश (सावन) हो रही है, जिससे उसे अपने घर और परिवार की याद सताने लगती है।
परिवार का संयुक्त चित्रण
कवि अपने चार भाइयों और बहन के साथ-साथ उनके आपसी प्रेम को याद करता है, जिसमें बहन के घर जाने और माता-पिता की पीड़ा का मार्मिक चित्रण है।
माँ का व्यक्तित्व और ममता
कवि की माँ अनपढ़ी है लेकिन वह स्नेह की थाह है, जो अपने पांचवें बेटे (कवि) के जेल में होने के कारण सबसे अधिक दुखी और चिंतित है।
पिता का व्यक्तित्व
कवि के पिता बुढ़ापे में भी हंसमुख, साहसी, दौड़ने वाले और गीता का पाठ करने वाले ऊर्जावान व्यक्ति हैं जो मौत से भी नहीं डरते।
पाँचवें बेटे की लाचारी
कवि स्वयं को अपने माता-पिता का 'पाँचवाँ बेटा' कहता है और भाग्यहीन मानता है क्योंकि वह परिवार की खुशियों में उपस्थित नहीं हो पा रहा है।
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Board Exam Info
हरियाणा बोर्ड (BSEH) की कक्षा 11 की परीक्षा में इस अध्याय से आमतौर पर 4 से 6 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें मुख्य रूप से किसी काव्यांश की सप्रसंग व्याख्या, कवि का परिचय, या माँ-पिता के चरित्र चित्रण से जुड़े लघुत्तरी और दीर्घउत्तरी प्रश्न शामिल होते हैं।
Frequently Asked Questions
कवि ने अपने पिता की क्या विशेषताएँ बताई हैं?
कवि के पिता बुढ़ापे में भी बहुत फुर्तीले और साहसी हैं। वे रोज दंड-बैठक लगाते हैं, खुलकर हंसते हैं, तेज दौड़ते हैं और हमेशा ईश्वर की भक्ति में लीन रहते हैं।
कवि ने अपनी माँ को 'दुख की थाह' क्यों कहा है?
माँ अपने सभी बच्चों से अगाध प्रेम करती है, लेकिन पाँचवें बेटे (भवानी प्रसाद मिश्र) के जेल में होने के कारण उसका दुख असीम है, जिसका कोई अंत नहीं है।
सावन के महीने का कविता में क्या महत्व है?
सावन का महीना प्रेम और उल्लास का प्रतीक होता है, लेकिन जेल में होने के कारण यह सावन कवि के लिए विरह और परिवार की यादों को तीव्र करने वाला बन गया है।
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