Class 10 Hindi - UP
Poetry: Sangatkaar
कक्षा 10 उत्तर प्रदेश बोर्ड (UPMSP) के हिंदी पाठ्यक्रम में मंगलेश डबराल द्वारा रचित कविता 'संगतकार' मुख्य गायक की आवाज़ में अपनी गूँज मिलाने वाले, यानी मुख्य गायक का साथ देने वाले व्यक्ति के त्याग, समर्पण और मानवीय गरिमा को दर्शाती है। यह कविता हमें यह सिखाती है कि मुख्य कलाकार की सफलता के पीछे कई अन्य लोगों की अदृश्य मेहनत और सहयोग होता है, जिन्हें कभी छोटा नहीं समझना चाहिए। बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से यह पाठ बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे अक्सर आशय स्पष्ट करने वाले और मुख्य गायक की सफलता में संगतकार की भूमिका से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
Start Learning FreeKey Concepts
संगतकार का अर्थ
मुख्य गायक के साथ गाने वाला या संगीत में उसका साथ देने वाला वादक या सह-गायक, जो मुख्य गायक की आवाज़ को भारीपन और गहराई प्रदान करता है।
मुख्य गायक की कमज़ोरी को छिपाना
जब मुख्य गायक का गला बैठने लगता है या वह अंतरे की जटिल तानों में भटकने लगता है, तब संगतकार अपनी आवाज़ को धीमा रखकर उसकी कमज़ोरी को ढँक लेता है।
संगतकार का मानवीय संकोच
संगतकार अपनी गूँज को मुख्य गायक से अधिक ऊँचा नहीं होने देता, क्योंकि यह उसका बड़प्पन और उसकी मनुष्यता है, न कि उसकी अक्षमता या असफलता।
कविता का मुख्य संदेश
जीवन के हर क्षेत्र (कला, समाज, परिवार) में मुख्य व्यक्ति के साथ पर्दे के पीछे रहकर सहयोग करने वाले उन 'अदृश्य नायकों' के योगदान को सम्मान देना चाहिए।
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Board Exam Info
उत्तर प्रदेश बोर्ड (UPMSP) की परीक्षा में इस पाठ से लगभग 3 से 5 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें मुख्य रूप से 'संगतकार की भूमिका क्या है?', 'मुख्य गायक का साथ देते समय संगतकार अपने स्वर को ऊँचा क्यों नहीं होने देता?' तथा काव्यांश की पंक्तियों का आशय स्पष्ट करने वाले प्रश्न सबसे अधिक आते हैं।
Frequently Asked Questions
संगतकार मुख्य गायक के स्वर से ऊँचा इसलिए नहीं गाता क्योंकि वह मुख्य गायक के सम्मान और उसकी महत्ता को बनाए रखना चाहता है। यदि वह मुख्य गायक से आगे निकल जाएगा, तो मुख्य गायक की सफलता फीकी पड़ जाएगी।
संगतकार मुख्य गायक के स्वर से ऊँचा इसलिए नहीं गाता क्योंकि वह मुख्य गायक के सम्मान और उसकी महत्ता को बनाए रखना चाहता है। यदि वह मुख्य गायक से आगे निकल जाएगा, तो मुख्य गायक की सफलता फीकी पड़ जाएगी।
कविता में 'मुख्य गायक की कमज़ोरी' किसे कहा गया है?
जब मुख्य गायक गाते-गाते थक जाता है, उसका गला बैठने लगता है या वह संगीत के जटिल सुरों (तान) को संभालते हुए भटकने लगता है, तो इसे मुख्य गायक की कमज़ोरी कहा गया है।
इस कविता से हमें क्या सीख मिलती है?
यह कविता हमें सिखाती है कि समाज और कार्यक्षेत्र में केवल आगे दिखने वाले व्यक्ति ही महान नहीं होते, बल्कि उनके पीछे काम करने वाले 'संगतकारों' यानी सहयोगियों का त्याग और योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।
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