Class 10 Hindi - CBSE-COURSE-A
Supplementary: Main Kyon Likhta Hoon
पाठ 'मैं क्यों लिखता हूँ' प्रसिद्ध लेखक अज्ञेय द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण वैचारिक निबंध है, जो कृतिका भाग-2 में संकलित है। इस पाठ में लेखक ने साहित्य सृजन के मूल कारणों, आंतरिक प्रेरणा और लेखन प्रक्रिया पर खुलकर विचार किया है। लेखक के अनुसार, कोई भी रचनाकार केवल बाहरी दबाव या यश के लिए नहीं लिखता, बल्कि उसकी अपनी आंतरिक विवशता, जिज्ञासा और अनुभूति उसे लिखने के लिए प्रेरित करती है। यह पाठ बोर्ड परीक्षा के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे अक्सर लेखक की प्रेरणा, प्रत्यक्ष और आन्तरिक दबावों तथा कलात्मक अनुभव से जुड़े विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं।
Start Learning FreeKey Concepts
लेखन का आंतरिक कारण
लेखक के अनुसार लिखना किसी बाहरी दबाव का परिणाम नहीं होता, बल्कि यह एक आंतरिक विवशता और आत्म-प्रकटीकरण की तीव्र इच्छा होती है।
प्रत्यक्ष और आंतरिक दबाव
संपादक का आग्रह, प्रकाशक का दबाव या आर्थिक आवश्यकता प्रत्यक्ष दबाव हैं, जबकि लेखक की अपनी आंतरिक अनुभूति आंतरिक दबाव है।
अनुभव और अनुभूति में अंतर
घटनाओं को देखना या भुगतना अनुभव है, लेकिन जब वह अनुभव मन की गहराई से गुजरकर रचनात्मक रूप लेता है, तब वह अनुभूति बनता है।
रचनात्मकता और आंतरिक संतुष्टि
लेखक अपनी आंतरिक बेचैनी और संताप से मुक्ति पाने के लिए लिखता है ताकि उसे मानसिक शांति और संतुष्टि मिल सके।
विज्ञान और कला का संबंध
विज्ञान के दुरुपयोग और हिरोशिमा के अणुबम विस्फोट ने लेखक को यह सोचने पर मजबूर किया कि विज्ञान का ज्ञान मानव जाति के लिए संकट क्यों बन जाता है।
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Board Exam Info
CBSE Hindi Course A (Kshitij + Kritika) की परीक्षा में कृतिका भाग-2 से आमतौर पर 6 से 8 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इस पाठ से मुख्य रूप से 3 या 4 अंकों वाले दीर्घ उत्तरीय प्रश्न आते हैं जो लेखक की प्रेरणा, आंतरिक विवशता और हिरोशिमा की घटना के प्रभाव पर आधारित होते हैं।
Frequently Asked Questions
लेखक के अनुसार लिखने की असली प्रेरणा बाहरी दबावों से नहीं, बल्कि भीतर की उस आंतरिक विवशता से मिलती है जो लेखक को अपनी भावनाओं और अनुभवों को अभिव्यक्त करने के लिए मजबूर करती है।
लेखक के अनुसार लिखने की असली प्रेरणा बाहरी दबावों से नहीं, बल्कि भीतर की उस आंतरिक विवशता से मिलती है जो लेखक को अपनी भावनाओं और अनुभवों को अभिव्यक्त करने के लिए मजबूर करती है।
हिरोशिमा की घटना का लेखक के लेखन पर क्या प्रभाव पड़ा?
हिरोशिमा पर गिराए गए अणुबम की विभीषिका ने लेखक को झकझोर दिया, जिसके बाद उन्होंने वैज्ञानिक प्रगति के भयानक परिणामों और मानवीय संकट को महसूस करते हुए लिखना शुरू किया।
प्रत्यक्ष दबाव और आंतरिक दबाव में क्या अंतर है?
प्रत्यक्ष दबाव वह है जो बाहर से आता है (जैसे संपादक का आग्रह या पाठकों की माँग), जबकि आंतरिक दबाव लेखक की अपनी संवेदना, बेचैनी और स्वयं को अभिव्यक्त करने की छटपटाहट से पैदा होता है।
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