Class 9 Hindi - KERALA
Poetry: Vaakh
Kerala SCERT Class 9 Hindi chapter 'Vaakh' introduces students to the mystical and philosophical poetry of Lall Ded, a 14th-century Kashmiri poetess. The term 'Vaakh' literally means speech or word. Through these four-line verses, Lall Ded emphasizes spiritual awakening, the futility of worldly attachments, equality of all human beings, and true devotion to the Almighty. The chapter is vital for board exams as it tests a student's ability to interpret symbolic language, understand poetic essence, and answer value-based questions regarding human life and universal brotherhood.
Start Learning FreeKey Concepts
Lall Ded और वाख शैली
कवयित्री ललद्यद द्वारा रचित चार पंक्तियों की काव्यात्मक शैली को 'वाख' कहा जाता है, जो कश्मीरी भाषा की लोकप्रिय शैली है।
कच्चे धागे की रस्सी
पहले वाख में जीवन की नश्वरता और कमजोर सांसों को 'कच्चे धागे की रस्सी' के रूप में दर्शाया गया है जिससे प्रभु-मिलन का प्रयास किया जा रहा है।
सम खा संभावी
दूसरे वाख में कवयित्री कहती है कि मन को नियंत्रण में रखने और इंद्रियों का दमन करने से ही मनुष्य 'संभावी' यानी समदर्शी बन सकता है और मुक्ति पा सकता है।
सुषुमना नाड़ी और हठयोग
तीसरे वाख में कुंडलिनी जागरण और हठयोग के माध्यम से सुषुमना नाड़ी को जागृत करने तथा जीवन के सही मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया है।
ईश्वर की सर्वव्यापकता
चौथे वाख में यह स्पष्ट किया गया है कि ईश्वर घट-घट में वास करता है; इसलिए हिंदू और मुसलमान का भेद न करके आत्म-ज्ञान प्राप्त करना चाहिए।
Important Formulas
Board Exam Info
केरल एससीईआरटी (Kerala SCERT) कक्षा 9 की परीक्षाओं में इस अध्याय से आमतौर पर 5 से 8 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें कवयित्री के काव्य सौंदर्य, पंक्तियों के आशय स्पष्ट करने (भावार्थ), और वैचारिक प्रश्नों से संबंधित दीर्घ उत्तरीय व लघु उत्तरीय प्रश्न शामिल होते हैं।
Frequently Asked Questions
वाख का शाब्दिक अर्थ 'वाणी' या 'शब्द' है। यह कश्मीरी संत-कवयित्री ललद्यद की प्रसिद्ध काव्य शैली है जो दोहों या पदों की तरह चार पंक्तियों में होती है और इसमें गहरे आध्यात्मिक संदेश होते हैं।
वाख का शाब्दिक अर्थ 'वाणी' या 'शब्द' है। यह ललद्यद की प्रसिद्ध चार पंक्तियों वाली कश्मीरी काव्य शैली है जो सीधे दिल को छूती है।
कवयित्री ने 'कच्चे धागे की रस्सी' किसे कहा है?
कवयित्री ने मनुष्य के जीवन और उसकी सांसों को 'कच्चे धागे की रस्सी' कहा है, जो बेहद कमजोर है और किसी भी क्षण टूट सकती है।
ललद्यद के अनुसार सच्चा ज्ञानी कौन है?
ललद्यद के अनुसार सच्चा ज्ञानी वह है जो हिंदू और मुसलमान का भेद नहीं करता, बल्कि सबसे पहले स्वयं को (आत्म-ज्ञान) पहचानता है क्योंकि ईश्वर हर कण में मौजूद है।
Learn Poetry: Vaakh with Your AI Tutor
10 different ways to study this chapter. Free for 3 chapters per day.
Lecture
Key Points
Interactive
Quiz
Flashcards