Class 9 Hindi - GUJARAT
Prose: Ek Kutta aur Ek Maina
‘एक कुत्ता और एक मैना’ हजारीप्रसाद द्विवेदी द्वारा रचित एक संवेदनशील निबंध है, जिसमें लेखक ने पशु-पक्षियों के प्रति मानवीय संवेदना, प्रेम और निष्ठा का सुंदर चित्रण किया है। इस पाठ में शांतिनिकेतन के वातावरण और गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के साथ जुड़े संस्मरणों के माध्यम से एक अंधी कुतिया और एक घायल मैना के प्रति मूक प्राणियों की भावना और उनके स्वभाव का मार्मिक वर्णन किया गया है। यह पाठ गुजरात बोर्ड (GSEB) कक्षा 9 के हिंदी पाठ्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो विद्यार्थियों में नैतिकता, करुणा और प्रकृति प्रेम की भावना जागृत करने के उद्देश्य से परीक्षा में पूछा जाता है।
Start Learning FreeKey Concepts
रवीन्द्रनाथ टैगोर का सानिध्य
शांतिनिकेतन के प्रांगण में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के जीवन के अंतिम दिनों और प्रकृति के प्रति उनके अगाध प्रेम का सजीव चित्रण किया गया है।
कुत्ते की मूक निष्ठा
एक अंधी कुतिया का गुरुदेव के प्रति बिना किसी स्वार्थ और अपेक्षा के अगाध प्रेम और उनकी मृत्यु के बाद उसकी वफादारी को दर्शाया गया है।
घायल मैना की करुणा
एक पंख कटी या घायल मैना के शांत स्वभाव और उसकी दिनचर्या के माध्यम से लेख ने जीवों की संवेदनशीलता को उजागर किया है।
मूक प्राणियों की संवेदना
यह अवधारणा बताती है कि पशु-पक्षी भी मनुष्यों की तरह प्रेम, करुणा और दुख की भावनाओं को गहराई से महसूस करते हैं और वफादार होते हैं।
लेखक की सूक्ष्म दृष्टि
हजारीप्रसाद द्विवेदी जी की प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति सूक्ष्म निरीक्षण क्षमता को इस पाठ में प्रमुखता से दिखाया गया है।
Important Formulas
Board Exam Info
गुजरात बोर्ड (GSEB) कक्षा 9 की हिंदी परीक्षा में यह पाठ लगभग 4 से 6 अंकों का भार रखता है। इस अध्याय से वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs), एक-दो वाक्यों वाले लघु उत्तरीय प्रश्न और गद्यांश आधारित समझ (Reading Comprehension) के प्रश्न मुख्य रूप से पूछे जाते हैं।
Frequently Asked Questions
इस पाठ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस पाठ का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में मूक पशु-पक्षियों के प्रति दया, प्रेम और मानवीय संवेदनाओं को विकसित करना है।
कुत्ता गुरुदेव के प्रति इतनी निष्ठा क्यों रखता था?
कुत्ता गुरुदेव से अहेतुक (बिना किसी कारण या स्वार्थ) स्नेह और करुणा पाता था, जिसके कारण वह उनके प्रति अत्यंत वफादार और निष्ठावान था।
मैना की क्या विशेषता इस पाठ में बताई गई है?
मैना के पंख घायल थे, जिसके कारण वह उड़ नहीं पाती थी, फिर भी उसका शांत स्वभाव और शांतिनिकेतन के वातावरण में उसकी उपस्थिति पाठ को खास बनाती है।
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