Class 6 Hindi - WEST-BENGAL

Pariksha

कक्षा 6 पश्चिम बंगाल बोर्ड (WBBSE) की पाठ्यपुस्तक का यह पाठ 'परीक्षा' एक बहुत ही प्रेरणादायक कहानी है। यह पाठ हमें यह सिखाता है कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान, ईमानदारी और मानवता का हमारे जीवन में क्या महत्व है। इस अध्याय में दीवान सुजानसिंह अपनी उत्तराधिकारी (अगले दीवान) के चुनाव के लिए एक अनोखी परीक्षा लेते हैं, जिससे यह साबित होता है कि चालाकी से ज्यादा सच्चाई और निष्ठा महत्वपूर्ण होती है। बोर्ड परीक्षाओं के दृष्टिकोण से यह पाठ विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों को विकसित करने और गद्यांश आधारित प्रश्नों व शब्दार्थ को हल करने में बहुत महत्वपूर्ण है।

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Key Concepts

दीवान सुजानसिंह की ईमानदारी

सुजानसिंह रियासत के बूढ़े और अनुभवी दीवान थे जो अपने पद के लिए सबसे योग्य और ईमानदार व्यक्ति की तलाश कर रहे थे।

उम्मीदवारों की परीक्षा

सुजानसिंह ने युवाओं को आकर्षित करने के लिए एक झूठी घोषणा की कि उन्हें एक नए दीवान की जरूरत है, ताकि वे सबका असली चरित्र देख सकें।

पंडित जानकीनाथ का संकट

एक गरीब और असहाय किसान कीचड़ में फंसी हुई गाड़ी को निकालने में अकेला संघर्ष कर रहा था जिसे देखकर सभी अमीर उम्मीदवार निकल गए।

सच्ची परीक्षा का परिणाम

केवल एक युवक (जो असल में पंडित जानकीनाथ था) ने अपनी कपड़ों की परवाह न किए बिना किसान की मदद की और अंत में वही सफल घोषित हुआ।

नैतिक शिक्षा

कहानी का मुख्य संदेश यह है कि मनुष्य की असली परीक्षा संकट के समय उसके कर्मों और परोपकार की भावना से होती है।

Important Formulas

सच्चाई और ईमानदारी ही सबसे बड़ी नीति है।
दूसरों की सहायता करना ही सबसे बड़ा धर्म है।
अहंकार व्यक्ति के पतन का कारण बनता है।

Board Exam Info

पश्चिम बंगाल बोर्ड (WBBSE) की परीक्षाओं में इस पाठ से आमतौर पर 5 से 8 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। मुख्य रूप से पाठ बोधन (Comprehension), चरित्र चित्रण, और कहानी के मुख्य संदेश पर आधारित लघु उत्तरीय व दीर्घ उत्तरीय प्रश्न आते हैं।

Frequently Asked Questions

इस पाठ का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में ईमानदारी, परोपकार और कर्तव्यनिष्ठा जैसे मानवीय मूल्यों को जागृत करना है।

इस पाठ का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में ईमानदारी, परोपकार और कर्तव्यनिष्ठा जैसे मानवीय मूल्यों को जागृत करना है।

दीवान सुजानसिंह ने परीक्षा लेने के लिए क्या तरीका अपनाया?

उन्होंने रियासत में नए दीवान की नियुक्ति की झूठी खबर फैलाई ताकि वे उम्मीदवारों के सच्चे स्वभाव की परीक्षा ले सकें।

अंत में दीवान पद के लिए किसे चुना गया?

अंत में पंडित जानकीनाथ को चुना गया क्योंकि उन्होंने कीचड़ में फंसी गाड़ी निकालकर मानवता का परिचय दिया था।

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