Class 6 Hindi - UP
Rahim Ke Dohe
कक्षा 6 यूपी बोर्ड हिंदी पाठ्यक्रम का यह अध्याय 'रिमझिम भाग 1' से 'रिमझिम' पुस्तक के अंतर्गत है, जिसमें महान कवि रहीम के प्रसिद्ध दोहे दिए गए हैं। इन दोहों के माध्यम से रहीम दास जी ने जीवन के गहरे मूल्यों, जैसे कि प्रेम, सच्ची मित्रता, सज्जनता, और संकट के समय धैर्य रखने की शिक्षा दी है। बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से यह अध्याय बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें से दोहों का अर्थ, प्रसंग और उनके पीछे छिपे नैतिक संदेशों पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। इन दोहों को याद करके छात्र अपने जीवन में अच्छे आचरण को अपना सकते हैं।
Start Learning FreeKey Concepts
रहिमन धागा प्रेम का
रहीम जी कहते हैं कि प्रेम का रिश्ता बहुत नाजुक होता है। इसे कभी भी झटके से नहीं तोड़ना चाहिए, क्योंकि यदि यह एक बार टूट जाए और फिर गांठ लगाई जाए, तो धागे में गांठ पड़ जाती है और रिश्ता पहले जैसा नहीं रहता।
तरुवर फल नहिं खात है
इस दोहे में रहीम जी ने परोपकार का महत्व समझाया है। जिस प्रकार पेड़ अपने फल खुद नहीं खाते और नदियां अपना पानी खुद नहीं पीतीं, उसी प्रकार महान और अच्छे लोग हमेशा दूसरों की भलाई के लिए जीते हैं।
थोथे बाद जल जो भरे
रहीम जी समझाते हैं कि जो लोग खोखले या ज्ञानी नहीं होते, वे ही बड़ी-बड़ी बातें या डींगें हाँकते हैं। जैसे आसमान में गरजने वाले उथले बादल अक्सर बरसते नहीं हैं, वैसे ही गुणहीन व्यक्ति केवल बोलते हैं, काम नहीं करते।
धरती की सी रीत है
यह दोहा सहनशीलता के बारे में है। जिस प्रकार धरती गर्मी, सर्दी और बारिश - हर तरह के मौसम को चुपचाप सहन कर लेती है, वैसे ही मनुष्य को भी जीवन के सुख-दुख दोनों परिस्थितियों में समान रूप से सहनशील होना चाहिए।
Important Formulas
Board Exam Info
यूपी बोर्ड की कक्षा 6 की हिंदी परीक्षा में यह अध्याय लगभग 4 से 6 अंकों का वेटेज रखता है। इसमें आमतौर पर किसी दोहे की पंक्ति का संदर्भ सहित अर्थ लिखने के लिए, या दोहों में दिए गए नैतिक मूल्यों से संबंधित लघु उत्तरीय प्रश्न पूछे जाते हैं।
Frequently Asked Questions
रहीम दास जी का पूरा नाम अब्दुल रहीम खानखाना था और वे अकबर के नवरत्नों में से एक थे।
रहीम दास जी का पूरा नाम अब्दुल रहीम खानखाना था और वे अकबर के दरबार के प्रसिद्ध कवि और नीतिार थे।
परीक्षा में दोहों के प्रश्न कैसे हल करें?
सबसे पहले दोहे का संदर्भ (किस पाठ से है और रचयिता कौन हैं) लिखें, फिर उसका सरल शब्दों में अर्थ स्पष्ट करें।
क्या हमें परीक्षा के लिए दोहे याद करने होंगे?
हाँ, परीक्षा में कई बार दोहे की पंक्तियाँ पूरी करने के लिए या उनका अर्थ लिखने के लिए कहा जाता है, इसलिए कुछ प्रमुख दोहों को जुबानी याद रखना फायदेमंद होता है।
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