Class 6 Hindi - HARYANA

Satriya Aur Bihoo Nrty

कक्षा 6 हरियाणा बोर्ड (BSEH) की पाठ्यपुस्तक का यह अध्याय भारत के दो प्रसिद्ध लोक और शास्त्रीय नृत्यों - असम के 'सत्रिया' और 'बिहू' पर आधारित है। इस पाठ में छात्र असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, इन नृत्यों के इतिहास, उनके प्रदर्शन के तरीकों, वेशभूषा और त्योहारों के महत्व के बारे में जानेंगे। यह अध्याय हमारी संस्कृति को समझने के लिए बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे नृत्यों के उद्गम और राज्यों से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।

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Key Concepts

सत्रिया नृत्य (Satriya Dance)

यह असम का एक शास्त्रीय नृत्य है जिसे वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव ने 15वीं शताब्दी में वैष्णव धर्म के प्रचार के लिए शुरू किया था।

बिहू नृत्य (Bihu Dance)

यह असम का एक बहुत ही प्रसिद्ध लोक नृत्य है जो बिहू त्योहार के दौरान युवा महिला-पुरुषों द्वारा खुशी और उल्लास के साथ किया जाता है।

सत्रा (Satra)

यह असम के वे धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र होते हैं जहाँ सत्रिया नृत्य का अभ्यास किया जाता है और इसे सुरक्षित रखा जाता है।

बिहू त्योहार (Bihu Festivals)

असम में वर्ष में तीन बार बिहू (रोंगाली, कोंगली और भोगाली बिहू) मनाया जाता है, जो कृषि और ऋतुओं के परिवर्तन से जुड़े हैं।

पारंपरिक वाद्य यंत्र (Traditional Instruments)

बिहू और सत्रिया नृत्यों में ढोल, पेपा (भैंस के सींग से बना वाद्य), और ताल जैसे विशेष पारंपरिक वाद्य यंत्रों का प्रयोग किया जाता है।

Important Formulas

सत्रिया = असम का शास्त्रीय नृत्य (Classical Dance of Assam)
बिहू = असम का लोक नृत्य (Folk Dance of Assam)
रचित / संस्थापक = संत श्रीमंत शंकरदेव
मुख्य बिहू त्योहार = रोंगाली (बोहाग) बिहू

Board Exam Info

हरियाणा बोर्ड (BSEH) की परीक्षा में इस अध्याय से आमतौर पर 3 से 5 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें मुख्य रूप से 'सत्रिया किस राज्य का नृत्य है?', 'बिहू कब मनाया जाता है?' जैसे वस्तुनिष्ठ (Objective) और लघु उत्तरीय (Short Answer) प्रश्न शामिल होते हैं।

Frequently Asked Questions

सत्रिया नृत्य किस राज्य से संबंधित है?

सत्रिया नृत्य असम राज्य से संबंधित है और यह भारत के प्रमुख शास्त्रीय नृत्यों में गिना जाता है।

बिहू नृत्य मुख्य रूप से कब किया जाता है?

बिहू नृत्य मुख्य रूप से असम के प्रसिद्ध त्योहार 'बिहू' (विशेषकर बोहाग बिहू या रोंगाली बिहू) के अवसर पर फसल की कटाई के समय किया जाता है।

सत्रिया नृत्य को किसने शुरू किया था?

सत्रिया नृत्य की शुरुआत 15वीं शताब्दी में महान संत और सुधारक श्रीमंत शंकरदेव ने की थी।

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