Class 11 Hindi - GUJARAT
Poetry: Ghar Ki Yaad
ग़र की याद भवानीप्रसाद मिश्र द्वारा रचित एक अत्यंत मर्मस्पर्शी कविता है, जो स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जेल में बंद कवि को अपने घर और परिवार की याद दिलाती है। इस अध्याय में कवि के अपने माता-पिता, भाइयों और बहन (साहू की स्नेहिल छवि) के प्रति अगाध प्रेम और उनकी अनुपस्थिति में होने वाली छटपटाहट का सजीव चित्रण किया गया है। गुजरात बोर्ड (GSEB) की परीक्षा की दृष्टि से यह पाठ बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे आशय स्पष्ट करने वाले प्रश्न, काव्यांश की व्याख्या और कवि की भावना से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Start Learning FreeKey Concepts
जेल जीवन और पारिवारिक विरह
कविता में कवि की जेल की चार दीवारों के भीतर अपने संयुक्त परिवार के प्रति गहरी यादों और अकेलेपन की भावना को दर्शाया गया है।
पिता का व्यक्तित्व
कवि के पिता वृद्धावस्था में भी ऊर्जावान, उत्साह से परिपूर्ण और गीता का पाठ करने वाले हैं, जो मौत को भी डराने का साहस रखते हैं।
बहन की विशेषता (सौवें भाई)
घर में पाँचवें बेटे (कवि) को न पाकर सभी दुखी हैं, और बहन ने अपने छोटे भाई को 'सौवाँ भाई' कहकर उसके स्नेह को अमर कर दिया है।
सांत्वना का संदेश
पिता ने कवि के बारे में सुना है कि वह जेल में लीक पर चल रहा है और काम कर रहा है, जिससे उन्हें उस पर गर्व है।
कविता की भाषा शैली
कविता की भाषा बेहद सरल, सहज और खड़ी बोली है, जिसमें भावुकता और गीतात्मकता का अनूठा समन्वय देखने को मिलता है।
Important Formulas
Board Exam Info
गुजरात बोर्ड (GSEB) की कक्षा 11 परीक्षा में इस चैप्टर से सामान्यतः 4 से 6 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। मुख्य रूप से काव्यांश की प्रसंग सहित व्याख्या, छोटे प्रश्न (SAQ) और कवि की मनोदशा से संबंधित दीर्घ उत्तरीय प्रश्न परीक्षा में आते हैं।
Frequently Asked Questions
कवि ने जेल में रहते हुए अपने माता-पिता और भाई-बहनों की एक-एक करके याद की है, विशेषकर अपने पिता के उत्साह और अपनी माँ की ममता को शिद्दत से महसूस किया है।
कवि ने जेल में रहते हुए अपने माता-पिता और भाई-बहनों की एक-एक करके याद की है, विशेषकर अपने पिता के उत्साह और अपनी माँ की ममता को शिद्दत से महसूस किया है।
कवि ने अपने पिता के किस गुण का वर्णन किया है?
कवि के पिता बहुत साहसी, ऊर्जावान और धार्मिक प्रवृत्ति के हैं जो वृद्धावस्था में भी दौड़ लगाते हैं और दंड-पट्ट पेलते हैं।
घर में पाँचवें बेटे को लेकर क्या चर्चा होती है?
घर में पाँचवाँ बेटा भवानीप्रसाद मिश्र (कवि) है जो जेल में है। उसकी अनुपस्थिति के कारण माता-पिता और पूरा परिवार दुखी है।
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