Class 10 Hindi - BIHAR
Poetry: Ram Binu Birthe Jag Janma
कक्षा 10 बिहार बोर्ड (BSEB) गोधूलि भाग 2 के अंतर्गत 'राम बिनु बिरथे जग जन्मा' पाठ महान भक्त कवि गुरु नानक द्वारा रचित है। इस कविता में कवि ने बाह्य आडंबरों, दिखावे और कर्मकांडों का खंडन करते हुए राम-नाम के सच्चे स्मरण और भक्ति पर बल दिया है। बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे गुरु नानक के जीवन, उनकी रचनाओं और पदों के भावार्थ से संबंधित वस्तुनिष्ठ (Objective) और लघु उत्तरीय (Subjective) प्रश्न हर वर्ष परीक्षा में पूछे जाते हैं।
Start Learning FreeKey Concepts
गुरु नानक का परिचय
गुरु नानक सिख धर्म के संस्थापक और निर्गुण भक्तिधारा के प्रमुख कवि थे, जिनका जन्म तलवंडी नामक ग्राम में हुआ था।
राम नाम बिनु बिरथे जग जन्मा
इसका अर्थ है कि ईश्वर (राम) के नाम के बिना इस संसार में मनुष्य का जन्म लेना और जीवन व्यतीत करना व्यर्थ है।
बाह्य आडंबरों का विरोध
कवि ने टीका लगाने, माला पहनने, और तीर्थयात्रा जैसे बाहरी ढकोसलों को नकारते हुए सच्चे मन से प्रभु की भक्ति करने को कहा है।
वाणी विष समान
गुरु नानक के अनुसार, भगवान के भजन के बिना जो वाणी बोली जाती है, वह विष के समान व्यर्थ और हानिकारक होती है।
ग्रंथ साहिब
गुरु नानक के उपदेश 'गुरु ग्रन्थ साहिब' में संकलित हैं, जो सिख समुदाय का पवित्र ग्रंथ है।
Important Formulas
Board Exam Info
बिहार बोर्ड (BSEB) गोधूलि परीक्षा में इस अध्याय से आमतौर पर 3 से 5 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें गुरु नानक के परिचय से वस्तुनिष्ठ प्रश्न तथा कविता के केंद्रीय भाव और पंक्तियों के अर्थ से संबंधित लघु उत्तरीय प्रश्न मुख्य रूप से आते हैं।
Frequently Asked Questions
राम बिनु बिरथे जग जन्मा का मुख्य संदेश क्या है?
गुरु नानक किस धारा के कवि हैं?
इस पाठ से बोर्ड परीक्षा में किस प्रकार के प्रश्न आते हैं?
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