Class 8 Hindi - HARYANA
Haridwar
कक्षा 8 हरियाणा बोर्ड (BSEH) के पाठ्यक्रम का यह अध्याय 'हरिद्वार' उत्तराखंड के इस पवित्र और ऐतिहासिक नगर के सांस्कृतिक, धार्मिक और भौगोलिक महत्व का सुंदर वर्णन करता है। इस पाठ में हरिद्वार की महानता, गंगा नदी के तट पर स्थित हर की पौड़ी, यहाँ के मेलों, मंदिरों और संतों की नगरी के रूप में इसकी पहचान के बारे में विस्तार से बताया गया है। बोर्ड परीक्षा के दृष्टिकोण से यह अध्याय छात्रों को भारतीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों की जानकारी देने के साथ-साथ भाषा और व्याकरण संबंधी प्रश्नों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
Start Learning FreeKey Concepts
हरिद्वार का अर्थ
हरिद्वार शब्द 'हरि' (भगवान विष्णु) और 'द्वार' (मार्ग) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है भगवान तक पहुँचने का मार्ग। इसे 'हरद्वार' भी कहा जाता है क्योंकि यह शिव और विष्णु दोनों का क्षेत्र माना जाता है।
गंगा का महत्व
गंगा नदी पहाड़ों से निकलकर पहली बार मैदानी इलाकों में हरिद्वार में प्रवेश करती है, इसलिए इसे 'गंगोद्वार' भी कहा जाता है। यहाँ गंगा स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है।
हर की पौड़ी
यह हरिद्वार का सबसे प्रसिद्ध घाट है जहाँ प्रतिदिन शाम को माँ गंगा की भव्य आरती होती है। इसे 'ब्रह्मकुंड' भी कहा जाता है जहाँ कुंभ का मेला लगता है।
कुंभ मेला
हरिद्वार भारत के उन चार स्थानों में से एक है जहाँ हर बारह साल में एक बार महाकुंभ मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु आते हैं।
शांत कुंज और कनखल
शांत कुंज आध्यात्मिक और वैचारिक क्रांति का केंद्र है, और कनखल दक्ष प्रजापति की पौराणिक कथा से जुड़ा एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है।
Important Formulas
Board Exam Info
हरियाणा बोर्ड (BSEH) की परीक्षा में इस पाठ से आमतौर पर 4 से 6 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें पाठ के सारांश, कठिन शब्दों के अर्थ, हरिद्वार के धार्मिक महत्व और गंगा नदी से जुड़े लघु उत्तरीय तथा बहुविकल्पीय प्रश्न शामिल होते हैं।
Frequently Asked Questions
हरिद्वार को हरिद्वार क्यों कहा जाता है?
क्योंकि यहाँ से भगवान शिव (हर) और भगवान विष्णु (हरि) के धामों के रास्ते जाते हैं, इसलिए इसे हरिद्वार कहा जाता है।
हर की पौड़ी का क्या इतिहास है?
मान्यता है कि यहाँ राजा भगीरथ की तपस्या के बाद गंगा जी उतरी थीं और यहाँ भगवान विष्णु के चरणों के निशान मौजूद हैं।
हरिद्वार में कुंभ मेला कितने वर्षों बाद लगता है?
हरिद्वार में महाकुंभ मेला प्रत्येक 12 वर्ष के बाद आयोजित किया जाता है।
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