Class 7 Hindi - RAJASTHAN

Paani Re Paani

कक्षा 7 राजस्थान बोर्ड की हिंदी पाठ्यपुस्तक 'दूर्वा' का पाठ 'पानी री पानी' जल संरक्षण और हमारे दैनिक जीवन में पानी के महत्व पर आधारित एक अत्यंत महत्वपूर्ण पाठ है। इस पाठ के माध्यम से यह समझाया गया है कि पृथ्वी पर पानी की कुल मात्रा का कितना भाग पीने योग्य है और कैसे भूजल का स्तर लगातार गिर रहा है। बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से यह पाठ बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे जल संकट, इसके कारण और निवारण से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। यह छात्रों को पर्यावरण के प्रति जागरूक भी करता है।

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Key Concepts

जल संकट (Water Crisis)

धरती पर पानी की कमी होना और लोगों को पीने का साफ पानी न मिलने की समस्या को जल संकट कहा जाता है।

भूजल (Groundwater)

वह पानी जो बारिश के रूप में धरती पर गिरता है और रिस-रिस कर जमीन के नीचे जमा हो जाता है, उसे भूजल कहते हैं।

वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting)

बारिश के पानी को व्यर्थ बहने से रोककर टैंकों या गड्ढों में इकट्ठा करने की प्रक्रिया को वर्षा जल संचयन कहते हैं, जो राजस्थान के लिए जीवन रेखा है।

जल संरक्षण (Water Conservation)

पानी की बर्बादी को रोकना और उसका उचित तथा किफायती उपयोग करना जल संरक्षण कहलाता है।

बावड़ी और जोहड़ (Baori and Johad)

राजस्थान के पारंपरिक जल स्रोत हैं, जिनका उपयोग प्राचीन काल से वर्षा जल को संग्रहित करने के लिए किया जाता रहा है।

Important Formulas

जल संरक्षण = पानी की बचत + वर्षा जल का संचयन
भूजल स्तर में सुधार = अधिक पौधे लगाना + पानी का कम दुरुपयोग

Board Exam Info

राजस्थान बोर्ड (RBSE) की परीक्षाओं में इस पाठ से सामान्यतः 4 से 6 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इनमें पाठ के सार, जल संरक्षण के उपाय, 'बावड़ी' जैसे पारंपरिक जल स्रोतों और पाठ से संबंधित वैचारिक लघु उत्तरीय प्रश्न अधिक पूछे जाते हैं।

Frequently Asked Questions

इस पाठ का मुख्य संदेश यह है कि पानी हमारे लिए अनमोल है और इसकी एक-एक बूंद की कीमत समझकर हमें जल संरक्षण करना चाहिए।

इस पाठ का मुख्य संदेश यह है कि पानी हमारे लिए अनमोल है और इसकी एक-एक बूंद की कीमत समझकर हमें जल संरक्षण करना चाहिए।

राजस्थान में पानी की कमी से निपटने के लिए पारंपरिक तरीके क्या हैं?

राजस्थान में पारंपरिक रूप से टांके, जोहड़, बावड़ियाँ और कुएँ बनाए जाते थे जिनमें बारिश का पानी इकट्ठा किया जाता था।

हम दैनिक जीवन में पानी की बचत कैसे कर सकते हैं?

ब्रश करते समय नल बंद रखकर, बाल्टी से नहाकर, लीकेज ठीक करवाकर और पौधों में पानी देने के लिए पाइप की जगह मग का उपयोग करके हम पानी बचा सकते हैं।

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