Class 12 Hindi - ISC

Prose: Dasi (Jai Shankar Prasad)

दसी (दासी) जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित एक अत्यंत संवेदनशील और मनोवैज्ञानिक कहानी है, जो ISC कक्षा 12 के हिंदी पाठ्यक्रम (गद्य खंड) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह कहानी स्वाभिमान, मानवीय संवेदनाओं, और सामाजिक भेदभाव के ताने-बाने को उजागर करती है। प्रसाद जी ने इसमें नारी चरित्र की दृढ़ता, त्याग और आंतरिक संघर्ष को बहुत ही सुंदरता से उकेरा है। बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से यह पाठ चरित्र चित्रण, कथा-सार और अंतर्निहित संदेश के मूल्यांकन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिससे अक्सर व्याख्या और लघु-उत्तरीय प्रश्न पूछे जाते हैं।

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Key Concepts

जयशंकर प्रसाद की गद्य शैली

प्रसाद जी की भाषा तत्सम शब्दों से युक्त, संस्कृतनिष्ठ, काव्यात्मक और भावपूर्ण होती है, जो पात्रों की मानसिक स्थिति का सजीव चित्रण करती है।

चरित्र चित्रण (किशोरी/दासी)

मुख्य पात्र किशोरी का स्वाभिमान, उसका मौन त्याग और परिस्थितियों से समझौता न करने का दृढ़ संकल्प इस कहानी की धुरी है।

सामाजिक संवेदना और वर्गभेद

कहानी उच्च वर्ग के पाखंड और एक 'दासी' या आश्रित व्यक्ति के प्रति समाज के संकीर्ण दृष्टिकोण को बेनकाब करती है।

मनोवैज्ञानिक विश्लेषण

पात्रों के बाहरी व्यवहार के पीछे छिपे उनके अंतर्द्वंद्व और मनोवैज्ञानिक दबाव का सूक्ष्म चित्रण किया गया है।

प्रसाद के नाटकों और कहानियों की विशेषता

इनकी रचनाओं में भारतीय संस्कृति, प्रेम, करुणा, और कर्तव्य का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है।

Important Formulas

तत्सम शब्द प्रधान भाषा शैली
मनोवैज्ञानिक और चरित्र-प्रधान कहानी संरचना
संकेतात्मक और प्रतीकात्मक संवाद
स्वाभिमान और मानवीय गरिमा का केंद्रीय भाव

Board Exam Info

ISC कक्षा 12 हिंदी बोर्ड परीक्षा में गद्य खंड से 'दासी' कहानी से कुल 8-10 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें गद्यांश की संदर्भ सहित व्याख्या, पाठ का केंद्रीय भाव (सार), और पात्रों के चरित्र चित्रण से संबंधित दीर्घ या लघु उत्तरीय प्रश्न शामिल होते हैं।

Frequently Asked Questions

दासी कहानी का मुख्य उद्देश्य समाज में उपेक्षित और आश्रित वर्ग (विशेषकर महिलाओं) के स्वाभिमान और मानवीय अधिकारों को उजागर करना है।

दासी कहानी का मुख्य उद्देश्य समाज में उपेक्षित और आश्रित वर्ग (विशेषकर महिलाओं) के स्वाभिमान और मानवीय अधिकारों को उजागर करना है।

प्रसाद जी की भाषा-शैली की क्या विशेषता है?

उनकी भाषा संस्कृतनिष्ठ, तत्सम शब्दों से परिपूर्ण, अलंकृत और अत्यधिक भावुक तथा काव्यात्मक है, जो पाठक को बांधे रखती है।

बोर्ड परीक्षा में इस पाठ से किस प्रकार के प्रश्न आते हैं?

बोर्ड परीक्षा में मुख्य रूप से गद्यांश की व्याख्या, किशोरी का चरित्र चित्रण और कहानी के शीर्षक की सार्थकता से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।

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