Class 11 Hindi - KARNATAKA
Poetry: Ghar Ki Yaad
घर की याद कविता प्रसिद्ध कवि भवानी प्रसाद मिश्र द्वारा रचित है, जिसे उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जेल में रहते हुए लिखा था। इस कविता में कवि को अपने सावन के दिनों में अपने घर और परिवार के हर एक सदस्य की बहुत याद आती है। माता, भाइयों और बहन की विशेषताओं का मार्मिक चित्रण करते हुए कवि ने जेल की एकांत और निराशा के बीच पारिवारिक प्रेम को अपनी संबल बनाया है। कर्नाटक बोर्ड (KSEEB) के कक्षा 11 के विद्यार्थियों के लिए यह कविता पारिवारिक मूल्यों, देशप्रेम और कारावास की यातनाओं को समझने की दृष्टि से परीक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Start Learning FreeKey Concepts
सावन मास और घर की याद
सावन के लगातार बरसते पानी के बीच कवि को अपनी मां और घर की आत्मीय याद सताती है, जिससे जेल का एकांत जीवन और अधिक कठिन प्रतीत होता है।
मां का व्यक्तित्व और स्नेह
कवि की मां वृद्ध और कमजोर होने के बावजूद अत्यधिक संवेदनशील और स्नेहमयी है, जो अपने पांचवें बेटे (भवानी प्रसाद मिश्र) को याद करके दुखी होती है।
भाइयों और बहन की छवि
कवि ने अपने भाइयों को भुजाओं के समान शक्तिशाली और सात्विक बताया है, तथा अपनी बहन को 'दुख की बात' कहा है जो मायके आई है लेकिन भाई (कवि) के न होने से दुखी है।
पिता का चरित्र
कवि के पिता बुजुर्ग होने पर भी युवा जैसे ऊर्जावान, साहसी, धावक और गीता पाठ करने वाले एक धर्मपरायण व्यक्ति हैं।
संदेश और काव्य सौंदर्य
कविता में सरल, सहज खड़ी बोली और प्रतीकात्मक भाषा का प्रयोग किया गया है, जो देशभक्ति के साथ पारिवारिक आत्मीयता का सुंदर संदेश देती है।
Important Formulas
Board Exam Info
कर्नाटक बोर्ड (KSEEB) की कक्षा 11 परीक्षा में इस चैप्टर से आमतौर पर 5 से 8 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या, कवि का परिचय और 'मां के व्यक्तित्व' या 'पिता की विशेषताओं' पर आधारित दीर्घ उत्तरीय प्रश्न मुख्य रूप से आते हैं।
Frequently Asked Questions
कवि भवानी प्रसाद मिश्र ने अपने पांचवें बेटे को 'अतुलनीय भाग्य' क्यों कहा है?
क्योंकि मां अपने सभी बेटों में भवानी प्रसाद से सबसे अधिक स्नेह करती थी और जेल में होने के कारण वह मां के लिए चिंता का मुख्य विषय था।
कविता में पिता के चरित्र की क्या विशेषताएँ बताई गई हैं?
पिता वृद्धावस्था में भी बहुत फुर्तीले, दंड-प्रणाम करने वाले, कभी न थकने वाले, साहसी और ईश्वर-भक्त थे।
सावन के पानी का कविता में क्या प्रतीक है?
सावन का पानी केवल प्राकृतिक वर्षा नहीं है, बल्कि यह कवि की आँखों के आंसुओं और घर के प्रति उसकी गहरी यादों तथा वियोग का प्रतीक है।
Learn Poetry: Ghar Ki Yaad with Your AI Tutor
10 different ways to study this chapter. Free for 3 chapters per day.
Lecture
Key Points
Interactive
Quiz
Flashcards