Class 11 Hindi - BIHAR
Poetry: Ghar Ki Yaad
कक्षा 11 बिहार बोर्ड (BSEB) के हिंदी पाठ्यक्रम में शामिल कविता 'घर की याद' के रचयिता प्रसिद्ध कवि भवानी प्रसाद मिश्र हैं। यह कविता कवि द्वारा जेल की सलाखों के पीछे रहकर अपने परिवार और विशेषकर माता की याद में लिखी गई है। इसमें सावन के महीने में होने वाली मूसलाधार बारिश के माध्यम से घर की हर एक वस्तु, माता के स्नेह, और भाई-बहनों के व्यक्तित्व का बहुत ही मार्मिक और जीवंत चित्रण किया गया है। बिहार बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से यह कविता बहुत महत्वपूर्ण है, जिससे सप्रसंग व्याख्या, सारांश और लघु उत्तरीय प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Start Learning FreeKey Concepts
काव्यांश की पृष्ठभूमि
यह कविता स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भवानी प्रसाद मिश्र द्वारा जेल में बिताए गए दिनों की है, जहाँ वे परिवार से दूर थे और सावन की वर्षा उनके गृह-प्रेम को और तीव्र कर देती थी।
माता का बिंब
कवि ने अपनी माँ को स्नेह की मूर्ति, ममता की खान और दुखों का पहाड़ झेलने वाली ऐसी धीर स्त्री के रूप में चित्रित किया है जो अपने पाँचवें बेटे (कवि) को सबसे अधिक याद करती है।
भाई-बहनों का चित्रण
कवि अपने भाइयों को भुजाओं के समान शक्तिशाली और बहनों को प्रेममयी व स्नेहमयी रूप में याद करता है, जो मायके आने पर कवि की अनुपस्थिति से दुखी होती हैं।
सावन की वर्षा का प्रतीक
सावन का पानी सिर्फ प्राकृतिक वर्षा नहीं है, बल्कि यह कवि की आँखों के आँसुओं और घर के प्रति उसकी असीम भावनाओं का प्रतीक है जो उसके मन को भिगो देता है।
संदेश वाहक के रूप में सावन
कवि सावन के बादलों से अनुरोध करता है कि वे उसके घर जाकर यह संदेश दें कि उनका पांचवां बेटा जेल में खुश है, ताकि घरवाले ज्यादा चिंता न करें।
Important Formulas
Board Exam Info
बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 11 और 12 की हिंदी परीक्षा में इस अध्याय से आमतौर पर 5 से 8 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें मुख्य रूप से कविता का सारांश, 'घर की याद' शीर्षक की सार्थकता, और 'माँ के व्यक्तित्व' से संबंधित प्रश्न परीक्षा में बार-बार आते हैं।
Frequently Asked Questions
कविता में 'पाँचवें बेटे' किसे कहा गया है और वह कहाँ है?
इस कविता में 'पाँचवाँ बेटा' स्वयं कवि भवानी प्रसाद मिश्र हैं, जो स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जेल में बंद हैं।
माँ के चरित्र की क्या विशेषताएँ बताई गई हैं?
माँ को ममता की मूर्ति, पढ़ी-लिखी न होने पर भी ज्ञान और स्नेह का भंडार, तथा अपने पुत्र के वियोग में दुखी लेकिन धीरज रखने वाली बताया गया है।
कवि ने सावन के बादलों से क्या संदेश देने को कहा है?
कवि ने बादलों से कहा है कि वे घर जाकर यह बताएं कि उनका पाँचवाँ बेटा जेल में मजे में है और अपना काम पूरी निष्ठा से कर रहा है।
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